अवैध खनन और सीमेंट के दामों पर असहाय क्यों उद्योग मंत्री

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शिमला. प्रदेश की ताकतवर सरकार का दम भरने वाले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंत्री इतने असहाय क्यों हैं कि वह अपने विभागों के मसलों को हल नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश में वर्तमान में अवैध खनन और हिमाचल में महंगे सीमेंट का मसले पर सियासत गरम हैं। वर्तमान में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता सरकार को अवैध खनन और महंगे सीमेंट के मामले को लेकर घेर रहे हैं। पूर्व मंत्री जीएस बाली, कौल सिंह ने प्रेस काफ्रेंस कर सरकार को घेरा तो विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने भी सीधे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर हमला किया। लेकिन सरकार की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया। यह वही बीजेपी की सरकार है जो विपक्ष में रहते हैं महंगे सीमेंट और खनन माफिया को लेकर पूर्व कांग्रेस सरकार को घेरती रही है। अब सत्ता में आकर सरकार के मंत्री दोनों मुद्दों पर मौन हैं। सीमेंट और खनन विभाग उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर के अधीन आते हैं। लेकिन उद्योग मंत्री दोनों मुद्दों पर मौन हैं। जिससे उनका मौन बताता है कि वह सीमेंट के बढ़े दाम और प्रदेश में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए असहाय है। अब सवाल यह है कि आखिर उद्योग मंत्री असहाय क्यों हैं और इसके पीछे का क्या खेल हैं। प्रदेश में खनन माफिया हावी है। हाल ही में खनन माफिया ने खनन विभाग के एक कर्मचारी को बजरी से भरे ट्रक से रौंद दिया। खनन माफिया मुख्य रुप से हिमाचल प्रदेश के पंजाब की सीमा से लगे जिलों या क्षेत्रों में सक्रिय है। जिससे हिमाचल प्रदेश से हजारों टन रेट व बजरी पंजाब, हरियाणा से लेकर दिल्ली तक जाता है। अवैध खनन से जहां प्रदेश को राजस्व का नुकसान हो रहा हैं वहीं प्राकृतिक सौंदर्यता को भी खतरा पैदा हो रहा है। वहीं हिमाचल में बनने वाला सीमेंट ही हिमाचल में महंगा और पंजाब हरियाणा में सस्ता बिक रहा है। यह है तो बहुत आश्चर्य की बात कि हिमाचल में बनने वाला सीमेंट हिमाचल में ही महंगा बिक रहा है। हिमाचल प्रदेश में पंजाब-हरियाणा की अपेक्षा सीमेंट 50 से 60 रुपए महंगा है। लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सीमेंट के बढ़े दामों पर तो मौन हैं लेकिन अवैध खनन का बारे में कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब की सीमाओं पर 10 चैक पोस्ट स्थापित करने का निर्णय सरकार ने लिया है। सभी चैक पोस्ट में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखकर अवैध खनन करने वाले तस्करों पर नजर रखी जाएगी और चैक किया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को चाहिए कि वह सीधे हस्तक्षेप कर दोनों मामलों का समाधान करे और चुनाव के दौरान जनता से किए गए वायदे को पूरा करें।