आखिर विधायक दल की बैठक में क्यों नहीं आए बिंदल, बरागटा, ध्वाला, नरेंद्र ठाकुर और जरयाल

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शिमला. मंत्रीमंडल विस्तार के बाद भाजपा के विधायक दल की बैठक में 5 विधायकों के शामिल न होने की चर्चा सियासत में गर्त हैं। विधायक दल की बैठक में पूर्व मंत्री राजीव बिंदल, रमेश ध्वाला, नरेंद्र बरागटा के साथ सीनियर विधायक हमीरपुर से नरेंद्र ठाकुर और चंबा जिले की भटियात से विक्रम जरयाल शामिल नहीं हुए। यह सभी विधायक मंत्रीमंडल विस्तार में मंत्री पद की दाबेदार भी रहे हैं लेकिन इनको स्थान नहीं मिला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंत्रीमंडल विस्तार के बाद कहा कि सभी मंत्री मेरी पसंद के हैं यानि जो दाबेदार मंत्री नहीं बन पाए मुख्यमंत्री को वे मंत्री पद के पसंद में नहीं आए। सियासत और मीडिया में चर्चा रही कि मंत्री पद न मिलने की नाराजगी के कारण ही यह विधायक बैठक में नहीं आए। मीडिया की इन खबरों से सरकार और भाजपा की नाराजगी भी सामने आई। भाजपा की तरफ से आए जवाब में कहा गया कि बिंदल पार्टी के कार्य से दिल्ली गए हुए थे और विक्रम जरयाल शिमला में ही थे और बैठक में भाग लेने भी आए थे। वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि किसी विधायक में कोई नाराजगी नहीं है। यह विधायक अपने व्यक्तिगत कारणों से विधायक दल की बैठक में नहीं आए। विधायक दल की बैठक में न आने के सवाल पर अभी तक किसी विधायक ने अपना बयान नहीं दिया और न ही अपना व्यक्तिगत कारण बताया। जिससे लगता है कि कुछ तो बात है जिससे विधायक बैठक में भी नहंी आए और न आने के व्यक्तिगत कारणों का खुलासा भी नहीं कर रहे हें। इन विधायकों के बैठक में न आने के कारण चाहे राजनैतिक व्यस्तता रही हो या परिवारिक कारण रहा हो लेकिन सियासत में चर्चा कुछ और ही हो गई। सियासत मे ंचर्चा हुई कि मंत्रीमंडल में जगह न मिलने के कारण कुछ विधायक नाराज हैं इस कारण विधायक दल की बैठक में नहीं आए। बैठक में न आने वाले लगभग सभी विधायक मंत्री पद के दाबेदारों में शामिल थे, इस कारण उनकी नाराजगी की चर्चा होना भी लाजमी है। विधायकों के बैठक में न आने के बारे में प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने स्पष्ट किया कि कुछ विधायक संगठन में कार्य करने के कारण और कुछ व्यक्तिगत कार्य में व्यस्त होने के कारण नहीं आए। इसमें नाराजगी की कोई बात नहीं हे। लेकिन सियासी चर्चा तो यही हो रही हे कि मंत्री मंडल में जगह न मिलने से विधायक नाराज हैं।