एक महंगाई की मार, दूसरा टैक्सों की भरमार: राणा महंगाई, बेरोजगारी से बिलबिला रही जनता का कचूमर निकाल रही सरकार

105

हमीरपुर। 24 फरवरी
जिन्हें जनादेश देकर बनाया था आका, अब वही डालने लगें हैं जनता की जेब पर डाका। यह बात कांग्रेस राज्य उपाध्यक्ष एवं सुजानपुर विधायक राजेंद्र राणा कही है। राणा ने सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अब केंद्र हो या राज्य, डबल ईंजन की सरकार जनता के खून-पसीने की बचत की आखिरी पाई-पाई वसूलने के मंसूबे सिरे चढ़ाने लगी है। अब प्रदेश सरकार के ताजा तुगलकी फरमान के मुताबिक यातायात नियम तोडऩे वालों को मिनिमम 1 हजार रुपए का जुर्माना होगा। उन्होंने कहा कि अपने कुप्रबंधन के चलते सरकार आने वाले वक्त में यह फरमान भी जारी कर सकती है कि इस मामले में मैक्सिमम जुर्माना 10 हजार रुपए वसूला जाएगा तो कोई ताज्जुब नहीं होगा क्योंकि कुप्रबंधन के कारण कंगाल हो चुकी सरकार की नजर अब जनता की बचत जमापूंजी पर है। राणा ने कहा कि यह वही सरकार है जिसे प्रचंड जनादेश देकर अब आम आदमी लगातार आहत, अपमानित व प्रताडि़त हो रहा है। शायद सरकार जनता को प्रचंड जनादेश देने की एक के बाद एक सजा मुकर्र कर रही है लेकिन सरकार यह याद रखे कि डंडा तंत्र से तानाशाही तो हावी-प्रभावी हो सकती है लेकिन डंडातंत्र कभी भी नागरिकों में अनुशासन नहीं ला सकता है। सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम 2019 की धारा 210 ए के दो प्रावधानों को संशोधित कर अब अपना डंडातंत्र चलाने का मंसूबा जाहिर किया है। राणा ने कहा कि देश व प्रदेश की जनता यह भी जानना चाह रही है कि जिस तर्ज पर भारी भरकम जुर्माने व चालान करने का प्रावधान सरकार कर रही है क्या उस तर्ज पर नागरिकों को सड़क सुविधा भी सरकार मुहैया करवा रही है। उन्होंने कहा कि यह दोहरे मानदंड अब नहीं चलेंगे क्योंकि सरकार ने अब लोकतंत्र को लूटतंत्र बनाकर रख दिया है। आलम यह है कि आम आदमी के घर से बाहर पैर रखते ही रोजमर्रा के कामों के लिए उसे कई तरह की वसूली का शिकार होना पड़ रहा है। इसी तर्ज पर अब तमाम तरह के कंस्ट्रक्शन व्हीकल पर सरकार ने 15 वर्ष का एक मुश्त टैक्स लेने का नया फार्मूला भी जारी किया है। ऐसे में जो बेरोजगार युवा इस क्षेत्र में रोजगार लेने की उम्मीद से प्रयास कर रहे थे अब उनकी उम्मीदों पर भी पानी फिर रहा है क्योंकि जो बेरोजगार पहले ही लोन लेकर इन मशीनों को खरीद रहे हैं उन्हें लाखों का एक मुश्त टैक्स चुकाना भारी पड़ रहा है। राणा ने कहा कि कुल मिलाकर सरकार अब दर्जनों तरह के टैक्स लगाकर और उन्हें बढ़ाकर महंगाई से बिलबिला रही जनता का कचूमर निकालने पर अमादा हो रही है।