डबल इंजन में मचे घमासान से डिमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा के दिग्गज

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शिमला. डबल इंजन सरकार को लेकर प्रदेश की सियासत में घमासान मच गया है। प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्र सरकार में प्रदेश के प्रतिनिधि के रुप में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के बीच सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नाम पर तीन साल में जमीन ट्रांसफर न होने को लेकर जसवां के मंच पर सवाल जवाब हो गए। अनुराग ठाकुर ने सीधे तौर पर मंच पर विराजमान मुख्यमंत्री से ही सवाल कर दिया कि क्या कारण हैं कि केंद्र से सभी स्वीकृति मिलने के बाद भी तीन साल में सीयू के नाम जमीन ट्रांसफर नहीं हो सकी। अनुराग ठाकुर ने अपने भाषण पर सीएम से कई सवाल पूछे और साथ में नसीहत भी दे दी कि प्रदेश सरकार के अधिकारियों में काम करने की आदत डालें। सार्वजनिक मंच से अनुराग ठाकुर के सवाल और नसीहत सीएम को उचित नहीं लगीं तो मुख्यमंत्री ने भी अपने संबोधन में अनुराग को जवाब देते हुए कहा कि यह सब सार्वजनिक मंच पर उठाने का मामला नहीं हैं। सरकार सीयू को जमीन देने के मामले में सभी आवश्यक कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच हुए सवाल जवाब पर मीडिया में बड़े सवाल उठे तो विपक्ष ने भी डबल इंजन की सरकार के घमासान को लेकर सरकार को घेरना शुरु कर दिया। इसी बीच सरकार का प्रशासनिक अमला सीयू की जमीन को लेकर सक्रिय हुआ और ऐलान हो गया कि सीयू के नाम पर जमीन ट्रांसफर नहीं होगी लेकिन कब्जा आज ही दे दिया जाएगा। इस सब घटनाक्रम के बाद सियासी घमासान शांत नहीं हुआ। सत्ता पक्ष और भाजपा नेताओं ने चुप्पी साधी तो कांग्रेस नेता भाजपा सरकार पर हमलावार हो गए और कोई मुख्यमंत्री के विकास के दाबों पर सवाल खड़े करने लगे तो कुछ नेता अनुराग ठाकुर को घेरने लगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सीधे तौर पर सरकार के विकास पर सवाल खड़े किए और डबल इंजन की सरकार के विकास को लेकर सरकार को घेरा वहीं विधायक राजेंद्र राणा ने अनुराग ठाकुर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह खुद विकास कराने में नाकाम हैं और आरोप दूसरों पर लगाकर पल्ला झाड़ने का प्रयास करते हैं। इसी सियासी घमासान के बीच देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने ऐलान कर दिया कि सीयू का निर्माण शुरु न होने पर धरने पर बैठेंगे। सीयू की जमीन को लेकर सियासी विवाद से हो रहे नुकसान के लिए सरकार की ओर से डिमेज कंट्रोल के प्रयास शुरु हुए। अनुराग ठाकुर ने सीयू की जमीन को लेकर प्रदेश सरकार के द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि प्रदेश में तेजी से विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयास करेंगे। वहीं सरकार के मंत्री महेंद्र ठाकुर ने कहा कि सीयू को भूमि देने के मामले में प्रदेश सरकार ने समुचित कदम उठाए हैं और मंत्री ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री से आग्रह भी किया कि केंद्र की स्वीकृति न मिलने से प्रदेश में विकास के लटके 30 प्रोजेक्टों के लिए शीघ्र ही स्वीकृति दिलाएं जिससे विकास कार्य प्रारंभ हो सके। जिससे लगता है कि भाजपा इस घमासान को शांत करने में जुट गई है जिससे कि प्रदेश में सियासी रुप से विवाद न हो।