नूरपुर : भाजपा महामंत्री निक्का ने खोला मंत्री पठानिया के खिलाफ मोर्चा

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धर्मशाला . विधानसभा चुनाव 2022 की आहट के चलते भाजपा नेताओं के बीच आरोप – प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया है। प्रदेश की सियासत में सबसे महत्वपूर्ण कांगड़ा जिले की नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने ही सीधे तौर पर सरकार के वन मंत्री राकेश पठानिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निक्का ने मंत्री पठानिया के बेटे भवानी सिंह पर गलत तरीके से गाड़ी बेंचने को लेकर सीधे मंत्री को घेरने का प्रयास किया। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता रणवीर सिंह निक्का और राकेश पठानिया के बीच सियासी युद्ध चलता रहा है। पूर्व की सियासत पर देखें तो यह साफ है कि एक बार निक्का ने नूरपुर से भाजपा की टिकट हासिल कर पठानिया को शिकस्त दी थी। टिकट हासिल करने में सफल रहे निक्का जनता के बीच वोट लेने में कामयाब नहीं हो सके। टिकट न मिलने से खफा पठानिया निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में मैदान में उतरे और भाजपा प्रत्याशी निक्का से करीब चार गुना अधिक वोट लेने में कामयाब रहे। पठानिया जीते तो नहीं लेकिन अपना जनाधार साबित करने में कामयाब रहे। 2012 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय महाजन ने 26542 वोट लेकर जीत हासिल की और पठानिया 23179 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। वहीं निक्का को मात्र 6868 वोट ही हासिल हुए थे। इस तरह निक्का बहुत पीछे रहे और अपने इसी जनाधार के कारण पठानिया 2017 में भाजपा की टिकट हासिल करने में कामयाब हुए और सरकार में मंत्री भी बने। लेकिन अभी भी नूरपुर की सियासत में पठानिया और निक्का के बीच घमासान चलता दिख रहा है।

भाजपा के संगठनात्मक जिला नूरपुर के महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने वन मंत्री राकेश पठानिया के बेटे भवानी पठानिया पर केसीसी बैंक की फर्जी एनओसी पर स्कॉर्पियो गाड़ी बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि मंत्री के बेटे ने स्कॉर्पियो गाड़ी (एचपी 38 जी 3688) इसी साल खरीदकर केसीसी बैंक से 3 अप्रैल 2021 को फाइनेंस करवाई थी। भवानी पठानिया ने केसीसी बैंक का करीब 689047 रुपये बकाया फाइनेंस लोन चुकाए बिना फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गाड़ी किसी दूसरे शख्स को अगस्त में बेच दी। आरोप लगाया कि जिसने गाड़ी खरीदी, उसने भी ग्रामीण बैंक से इसे फाइनेंस करवाया। निक्का ने सवाल उठाया कि एक ही गाड़ी दो बैंकों में कैसे फाइनेंस हो गई? एक ही गाड़ी के एक ही समय दो मालिक कैसे बन गए। जब उन्होंने बैंकों से आरटीआई से जानकारी मांगी तो उन्हें जानकारी देने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। जब आईटीआई से जानकारी मांगी तो भवानी पठानिया ने केसीसी बैंक की बकाया करीब 6.92 लाख की राशि एक ही दिन में क्यों भर दी। जिसने गाड़ी खरीदी उसने भी आखिर एक ही दिन में ग्रामीण बैंक की बकाया राशि क्यों भर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मामले की जांच 48 घंटे में शुरू करने की मांग की है। कहा कि अगर मामले की जांच 48 घंटे में शुरू नहीं हुई तो वह हाईकोर्ट में केस करेंगे। उधर, वन मंत्री राकेश पठानिया के बेटे भवानी पठानिया ने कहा कि यह बेबुनियाद आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं।