फोरलेन के साथ लगती निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें अधिकारी: ऋग्वेद ठाकुर

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मंडी, 14 अक्तूबर: उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के कारण मंडी जिला में ‘राइट आफ वे’ से बाहर साथ लगती निजी संपत्तियों और इमारतों को हुए नुकसान के आकलन की रिपोर्ट तुरन्त प्रस्तुत करें ताकि मुआवजे का मामला सरकार को समय पर भेजा जा सके।
ऋग्वेद ठाकुर आज फोरलेन परियोजना से सम्बन्धित मुद्दों को लेकर गठित जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
बैठक में सुन्दरनगर, बल्ह व सदर उपमण्डल में हो रहे फोरलेन निर्माण के कारण प्रभावित स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत मुआवजों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई और सम्बन्धित अधिकारियों को उन्हें तुरन्त निपटाने के आदेश दिए।
उपायुक्त ने फोरलेन निर्माण में लगी कम्पनियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को पूरी सतर्कता के साथ करें ताकि किसी अपरिहार्य दुर्घटना जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
उपायुक्त के नेतृत्व में बनी इस समिति में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल के कार्यकारी अभियंता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक समिति सदस्य बनाए गए हैं। संबंधित एसडीएम समिति के समन्वयक हैं।
बैठक में एसडीएम सदर निवेदिता नेगी, जिला राजस्व अधिकारी राजीव संख्यान, भू-अधिग्रहण अधिकारी अजीत कुमार, जी.एस.गुलेरिया,  एनएचआई के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा, फोर लेन निर्माण से संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि, राजस्व व लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।