मंडी में बिना मास्क घूमने पर अब तक 994 चालान, 5 लाख जुर्माना

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मंडी, 30 जुलाई : पुलिस अधीक्षक गुरुदेव शर्मा ने मंडी जिलावासियों से कोरोना से बचाव को लेकर सावधानी बरतने और नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस महामारी से लड़ने के लिए हम सभी का कर्तव्य है कि फेस कवर और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। नियमें की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने जिला में सार्वजनिक जगहों पर बिना मास्क घूमने वाले लोगों के 994 चालान कर 5 लाख रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले हैं। इसके अलावा लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने पर 214 मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए गए हैं ।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर देखा गया है लोग मास्क को सही तरीके से नहीं पहन रहे हैं। वे या तो मास्क को गले में लटका कर रखते हैं या नाक को अच्छी तरह से कवर नहीं कर रहे हैं। मास्क का सही तरह से प्रयोग करना अत्यन्त आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति मास्क पहनने में लापरवाही करेगा तो उसे 500 रुपये जुर्माना भुगतना होगा। कोई व्यक्ति चालान होने के बावजूद भी बार-बार इस नियम का उल्लंघन करेगा तो उसे 5000 रुपये जुर्माना भरना होगा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रशासन द्वारा जिला में 37 कन्टेनमैंट जोन बनाए गए हैं, उन सभी जोन में पुलिस व होम गार्डस के जवान तैनात किए गए हैं। ये जवान दिन रात इन क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कन्टेनमेंट जोन में कुछ गतिविधियों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की कोई गतिविधि मान्य नहीं है।
कोरोना जांच को सैंपल दिए हैं, तो रिपोर्ट आने तक खुद को कर लें आइसोलेट
गुरुदेव शर्मा ने कहा कि ऐसा भी देखा गया है कि कोरोना जाचं के लिए सैंपल देनेे के उपरान्त भी कई बार सम्बन्धित व्यक्ति सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं करते और इधर उधर घूमते रहते हैं, जिससे उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की स्थिति में उनके संपर्क में आए व्यक्तियों को संक्रमण का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। इसलिए अब लोगों को हिदायत दी गई है कि कोई भी व्यक्ति कोरोना जांच के लिए सैंपल देने के बाद इधर उधर न घूमे, बल्कि रिपोर्ट आने तक स्वयं को आईसोलेट करके रखे।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला में सभी थाना प्रभारी, सुपरवाईजरी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरन्तर पैट्रोलिंग कर लोगों को कोरोना वायरस नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें और  नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।