मुख्यमंत्री ने नेरवा में प्रगतिशील हिमाचलः स्थापना के 75 वर्ष कार्यक्रम की अध्यक्षता की

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चौपाल विधानसभा क्षेत्र के नेरवा में 175 करोड़ रुपये की 30 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज शिमला जिला के चौपाल विधानसभा क्षेत्र के नेरवा में 175 करोड़ रुपये लागत की 30 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए।
प्रगतिशील हिमाचलः स्थापना के 75 वर्ष कार्यक्रम के उपलक्ष्य में महाविद्यालय मैदान नेरवा में विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रदेश के लोगों का आभार व्यक्त किया जा रहा है, जो इसे अन्य कार्यक्रमों से अलग बनाता है, जिनमें राजनैतिक नेताओं का महिमा मण्डन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन 75 वर्षों के दौरान प्रदेश का नेतृत्व सक्षम नेताओं द्वारा किया गया है, जिन्होंने प्रदेश को आकार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेहनतकश लोगों ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान अदा किया है, उन्होंने हिमाचल को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि गत 75 वर्षों के दौरान प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है और इसका श्रेय राज्य के सक्षम नेतृत्व और मेहनती कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और आम जनता को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गठन के समय साक्षरता दर केवल 4.8 प्रतिशत थी, जबकि वर्तमान में यह 83 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में प्रदेश में 288 किलोमीटर लम्बी सड़कें थीं और वर्तमान में लगभग 40 हजार किलोमीटर सड़कों का जाल है। वर्ष 1948 में 88 स्वास्थ्य संस्थान थे, जो आज बढ़कर 4,320 हो गए हैं। प्रदेश के गठन के समय केवल 301 शैक्षणिक संस्थान थे, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या 16124 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौपाल क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इसे प्रसिद्ध पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के लिए कुपवी क्षेत्र में उपमण्डलाधिकारी कार्यालय और महाविद्यालय तथा नेरवा में नगर पंचायत खोली गई है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए इस विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यालय खोले गए हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि उनके सभी पांच पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों का सौभाग्य था कि उन्हें अनुकूल परिस्थितियों में काम करने का अवसर मिला। जबकि, वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण बुरी तरह प्रभावित रहे। संकट के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल देश के वैज्ञानिकों को कोरोना वायरस के विरुद्ध टीका विकसित करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त टीकाकरण अभियान भी सफलतापूर्वक चलाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने टीकाकरण के इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने से भी गुरेज नहीं किया। लेकिन, देश की जनता ने विपक्ष के दुष्प्रचार को पूरी तरह नकार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पात्र आबादी के शत-प्रतिशत टीकाकरण में देश में प्रथम स्थान हासिल किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जरूरतमंदों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना, हिमकेयर, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना और कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने हैरानी व्यक्त की कि कई वर्षों के अनुभव के बड़े-बड़े दावे करने वाले विपक्ष के नेता ऐसी योजनाओं की कल्पना भी नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से बीमार और असहाय 21,000 से अधिक लोगों को मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत प्रति माह 3000 रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के तहत 3.37 लाख से अधिक मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए महिला यात्रियों को एचआरटीसी बसों में किराये में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की है। इतना ही नहीं, प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी लोगों को मुफ्त पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।