सरकार और भाजपा में कौन नेता लेगा निगम चुनाव में हार की जिम्मेदारी

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शिमला. प्रदेश के चार निगम चुनावों के परिणाम सत्ताधारी दल भाजपा को राहत देने वाले नहीं रहे। परिणामों में साफ है कि भाजपा को सिर्फ मंडी में पूर्ण बहुमत मिला है। पालमपुर और सोलन में कांग्रेस को बहुमत मिला है तो धर्मशाला में भाजपा बड़ी पार्टी तो है लेकिन बहुमत नहीं है। चारों नगर निगम की 64 सदस्यों के लिए चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस पार्टी 29 वार्डों में विजयी रही तो भाजपा को 28 सीटों पर विजय प्राप्त हुई। 7 सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे। परिणामों से साफ है कि भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद अभी तक सरकार और संगठन की ओर से कोई नेता सामने नहीं आया जो यह कहे कि भाजपा की हार हुई है। कोई मंडी में जीत की बधाई दे रहा तो कोई धर्मशाला की बधाई दे रहा। पालमपुर और सोलन की हार पर कोई नाम ही नहीं ले रहा।
सब सामने है कि चारों नगर निगम के चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सरकार के सभी मंत्री, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप सहित सभी बड़े नेता लगे रहे। जब प्रदेश में पार्टी की सरकार होती है तो तय होता है कि चुनाव सरकार ही लड़ रही होती है। सरकार ने हर नगर निगम के प्रभारी के रुप में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई थी। धर्मशाला के प्रभारी वन मंत्री राकेश पठानिया, पालमपुर के प्रभारी उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर, मंडी में मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर तो सोलन में स्वास्थ्य मंत्री सहजल डटे रहे। मुख्यमंत्री और बाकी मंत्री भी प्रचार करते रहे। सरकार की उम्मीदों के अनुसार पार्टी को जीत दर्ज नहीं हुई है। सरकार तो चारों नगर निगम में जीत का दाबा कर रही थी, लेकिन परिणाम ऐसे नहीं आए। अब सवाल उठता है कि जब भाजपा को मंडी में ही पूर्ण बहुमत मिला, सोलन और पालमपुर में हार मिली है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। हार की जिम्मेदारी लेना बहुत ही साहस का काम होता है। अब देखना होगा कि सरकार और संगठन में कौन नेता आगे आकर हार की जिम्मेदारी लेता है। जब पार्टी को जीत मिलती है तो दाबा होता है कि जनता ने सरकार के विकास कार्यों पर मुहर लगाकर भाजपा को जिताया है। अब जीत नहीं मिली तो क्यों नहीं मिली, इसकी बात भी होगी, यही बड़ा सवाल है। नेताओं से उम्मीद तो कम ही होती है कि वह हार की जिम्मेदारी लें, यह जरुर होता है कि वह कोई न कोई फार्मूला मीडिया के सामने रखकर पार्टी के बेहतर प्रदर्शन को साबित करने का प्रयास करेंगे।