विधानसभा हंगामा : विधायकों के निलंबन और केस दर्ज करने से हावी सत्ता पक्ष, फ्रंट फुट मे लड़ने के जोश में बैकफुट में आया विपक्ष

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शिमला. विधानसभा के बजट सत्र में आए कांग्रेस के जोशीले विधायकों पर जोश ही उलटा पड़ गया। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जोश में आकर कांग्रेसी विधायकों ने राज्यपाल को ही घेर लिया। राज्यपाल की गाड़ी रोकी, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। राज्यपाल के घेराव से मुख्यमंत्री भी खासे नाराज हुए और विधानसभा अध्यक्ष भी। सोमवार तक स्थगित हुए सदन को फिर से बुलाया गया और सत्ता पक्ष के प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री सहित चार विधायकों को सदन से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। इसके बाद निलंबित किए गए पांचों विधायकों पर केस भी दर्ज कर दिया। हंगामा करने वाले विधायकों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा उठाए कदम से सत्ता पक्ष अब हावी हो गया है। यह संदेश सीधे गया कि कांग्रेस विधायकों ने ही गलत किया है। जिससे विधानसभा में बजट सत्र में सरकार को घेरने के लिए बनाई गई रणनीति में फ्रंटफट पर आने वाली कांग्रेस अब बैकफुट पर ही नजर आ रही है। सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया लेकिन आगे की रणनीति के बारे में अब कांग्रेस का रुख साफ नहीं है। कसौली में कांग्रेस पार्टी का मंथन हो रहा है, जिसमें प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला भी शिरकत कर रहे हैं। विधानसभा में अब कांग्रेस की रणनीति क्या होगी, यह तो सोमवार को शुरु होने वाले सदन में पता चलेगी। लेकिन राज्यपाल को घेरने की घटना के 24 घंटे बीतने के बाद तो यही दिख रहा है कि इस घटना से सरकार को सियासी फायदा हो गया है और कांग्रेस की सरकार को घेरने की रणनीति रास्ते से भटक गई है। अब कांग्रेस को बहुत ही सावधानी से कदम उठाने की जरुरत होगी, जिससे वह आगे के सदन में सरकार का विरोध प्रभावी ढंग से कर सके। अब देखना होगा है कि कांग्रेस के मंथन में क्या अमृत निकलता है जो फिर से कांग्रेस को सरकार को घेरने का रास्ता दिखाता है। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्र पर जमकर हमला बोला और कहा कि जमीन में नहीं नहीं तो जनता जमीन में गाढ़ देगी। मुख्यमंत्री का सीधा हमला था कि चुनााव में जनता आपको जवाब देगी। मुख्यमत्री ने कहा कि कांग्रेस में समझदार नेतृत्व की कमी है जिससे हर नेता कुर्सी पाने के लिए बौखलाहट में ऐसी हरकतें कर रहा है जिससेे प्रदेश शर्मसार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में वह नेता बड़ा होने का प्रयास कर रहे हैं जो पंचायती राज चुनाव में अपनी पंचायत भी नहीं बचा पाए हैं। कांग्रेस की जमीन पूरी तरह खिसक गई है जिससे अब वह हंगामा की राजनीति कर मीडिया की सुर्खियों में बना रहना चाहते हैं। कांग्रेस विधायकों की ऐसी हरकतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।