निपुन जिंदल, आबिद हुसैन, आदित्य नेगी, ललित जैन, पंकज राय, अनुपम कश्यप, राणा के डीसी बनने की चर्चाएं, जल्द होगा प्रशासनिक फेरबदल, डायरेक्टर लगने के लिए भी लॉबिंग

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शिमला. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जल्द ही प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल कर रहे हैं। यह फेरबदल मुख्य रुप से जिले के डीसी बदलने के लिए होने वाला है। लंबे समय से यह चर्चा है कि सरकार जिले के डीसी बदलने जा रही है। इसी फेरबदल के चर्चा के बीच शिमला में विराजमान अधिकारी भी डीसी बनने के लॉबिंग कर रहे हैं। शिमला के सचिवालय में डीसी बनने वाले अधिकारियों के नामों की चर्चा हो रही है। जिसमें प्रमुख रुप से निपुन जिंदल, आबिद हुसैन, आदित्य नेगी, ललित जैन, पंकज राय, अनुपम कश्यप, डीसी राणा और रामकुमार गौतम के डीसी बनने की चर्चाएं हैं। यह तय है कि जब सचिवालय में तैनात अधिकारी डीसी बनेंगे तो डीसी पद से हटने वाले अधिकारी डायरेक्टर के पद पर तैनात होंगे। इसलिए अहम विभागों के डायरेक्टर बनने के लिए भी अधिकारियों में लॉबिंग हो रही है। अच्छे पद की चाह रखने वाले अधिकारी अपने सीनियर अधिकारियों, मंत्रियों और भाजपा नेताओं के माध्यम से लॉबिंग कर रहे हैं। सचिवालय के सूत्रों के हवाले से मिली सूचना के अनुसार उपायुक्तों के ट्रांसफर की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यलय आते ही इस सप्ताह तबादलों पर निर्णय हो सकता है। अभी तक प्रदेश के 10 जिलों के डीसी बदल सकते हैं, शिमला और सोलन की डीसी नहीं बदलने की सूचना है।

निपुल जिंदल वर्तमान में शिमला सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के स्पेशल सेकेट्री के पद पर आसीन हैं और एनआरएचएम का कार्य संभाले हैं। निपुन जिंदल एक अच्छे अधिकारी के रुप में पहचाने जाते हैं। वहीं आबिद हुसैन उद्योग विभाग के स्पेशल सेकेट्री हैं और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के डायरेक्टर के पद पर पहचाने जाते हैं। अपने काम के दम पर आबिद अधिकारियों के साथ मंत्रियों के भी पसंदीदा अधिकारी बन गए हैं। सकारात्मक सोच रखने वाले आबिद हमेशा नए तरीके से और निर्धारित समय पर काम करने के लिए जाने जाते हैं। युवा और ईमानदार अफसर के रुप में अपनी छवि बनाए हुए आदित्य नेगी के भी डीसी लगने की चर्चाएं हैं। आदित्य नेगी वर्तमान में पॉल्यूशन विभाग में सेकेट्री के पद पर विराजमान हैं। पॉल्यूशन विभाग के सेकेट्री का पद कई चर्चाओं से घिरा रहता है लेकिन आदित्य नेगी ने उन चर्चाओं पर विराम लगाकर काम को तवज्जो दी है। जिसके कारण ही उनकी छवि साफ बनी हुई है। ललित जैन ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत हैं। उनका नाम भी डीसी बनने की लिए चर्चा में है। सूचनाओं के अनुसार जैन को सोलन या ऊना जिले का डीसी लगाया जा सकता है। वहीं शिमला नगर निगम में कमिश्नर के पद पर कार्यरत पंकज राय का नाम भी डीसी बनने के लिए चर्चा में है। पंकज राय को डीसी लगाने के लिए सरकार के एक मंत्री सिफारिश कर रहे हैं। अब देखना है कि मुख्यमंत्री के सामने मंत्री जी की सिफारिश कितनी कामयाब होती है। वहीं अनुपम कश्यप के भी डीसी बनने की चर्चाएं हैं। अनुपम कश्यप पूर्व में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के डायरेक्टर बनाए गए थे लेकिन बाद ने सरकार ने उन्हें इस पद से हटा दिया था। अब देखना है कि कश्यप डीसी पद प्राप्त करने में कितने कामयाब होते हैं। हालांकि कश्यप की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपा से संबंधित है। वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के रुप में कार्यरत डीसी राणा के भी डीसी बनने की चर्चाएं हैं। राणा के बारे में पूर्व में भी हमीरपुर के डीसी लगने की चर्चाएं थीं लेकिन आदेश नहीं हो सके थे। अब देखना है कि राणा किस जिले के डीसी पद पर आसीन होते हैं। राणा भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विश्वसनीय अफसर माने जाते हैं। जब शिमला के सचिवालय और डायरेक्ट्रट से अधिकारी डीसी बनकर जाएंगे तो यह तय है कि डीसी पद से हटने वाले अधिकारी भी डायरेक्टर पर पर तैनात होंगे। इस कारण कई अधिकारी महत्वपूर्ण विभागों के डायरेक्टर बनने की लॉबिंग कर रहे हैं। वहीं इस फेरबदल के दौरान शिमला सचिवालय और डायरेक्ट्रेट में तैनात कई अधिकारी अच्छे महकमें पाने की भी लॉबिंग कर रहे हैं। सचिवालय के सूत्रों के अनुसार सरकार शिमला के डीसी अमित कश्यप को बदलना नहीं चाह रही है। अमित कश्यप ने अपनी तैनाती के समय से ही बेहतर कार्य किया है। कोरोना संकट काल में भी अमित कश्यप की रणनीति कामयाब रही और सरकार की गाइड लाइन के अनुसार नियमों को लागू करने और जनता को परेशानी से बचाने के लिए बेहतर कार्य किया है। अमित कश्यप को बदला भी गया तो सरकार में महत्वपूर्ण पद पर ताजपोशी होना तय है क्योंकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उन पर भरोसा करते हैं। वहीं मंडी और कांगड़ा के डीसी को भी सरकार के महत्वपूर्ण विभाग में जिम्मेदारी मिल सकती है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगभग आठ दिन के क्वारंटाइन के बाद सोमवार को कार्यालय में आ सकते हैं। संभावना यही है कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही इस प्रशासनिक फेरबदल पर अपनी मुहर लगाएंगे। इस प्रशासनिक फेरबदल की चर्चा लंबे समय से चल रही है लेकिन अंतिम आदेश नहीं हो पा रही है। लेकिन अब जल्द ही आदेश जारी होने वाले हैं। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर किस अधिकारी को किस काम के लिए चुनकर जिम्मेदारी सौंपते हैं।