‘प्रदेश का नेता कैसा हो, मुकेश अग्निहोत्री जैसा हो’, कांगड़ा की सियासी जमीन पर लगे नारे, नेता के रुप में स्थापित हो रहे मुकेश अग्निहोत्री

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शिमला . प्रदेश के नए प्रभारी राजीव शुक्ला के बनने के बाद परदे के पीछे कांग्रेसी नेताओं के बीच नेतृत्व की लड़ाई चल रही है लेकिन प्रदेश की सियासी जमीन पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री जैसा प्रदेश नेतृत्व के नारे लग रहे हैं। जिससे साबित होता है कि प्रदेश के कांग्रेसी नेता मुकेश अग्निहोत्री को ही अपना नेता मान रहे हैं। मुकेश अग्निहोत्री लगातार प्रदेश स्तरीय दौरे कर रहे हैं। चंबा का दौरा करने के बाद मुकेश अग्निहोत्री रविवार को कांगड़ा जिले के बैजनाथ विधानसभा के दौरे पर गए, जहां उनका स्वागत ‘प्रदेश का नेता कैसा हो, मुकेश अग्निहोत्री जैसा हो ‘ जैसे नारों के साथ हुआ। उनके स्वागत में खड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की। प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा की धरती में ऐसे नारों के साथ मुकेश अग्निहोत्री का स्वागत होने के बड़े सियासी मायने हैं। इस मौके पर मुकेश अग्निहोत्री के साथ कांगड़ा जिले के कांग्रेस अध्यक्ष अजय महाजन, बैजनाथ के पूर्व विधायक किशोरी लाल और पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल के साथ सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।
बैजनाथ की रैली में सभी नेताओं ने मुकेश अग्निहोत्री का स्वागत जोरदार नारों के साथ किया। जिससे साबित होता है कि कांग्रेसी नेताओं की बीच प्रदेश नेतृत्व के रुप में मुकेश अग्निहोत्री की स्वीकार्यता बढ़ी जा रही है। नेता वही होता है जिससे जनता के बीच स्वीकार्य किया जाए और मुकेश अग्निहोत्री जनता के नेता बन चुके हैं। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच मुकेश अग्निहोत्री को यह स्थान उनके संघर्ष के कारण ही मिला है। मुकेश अग्निहोत्री ने गत तीन वर्ष विपक्ष के नेता के रुप में सरकार को जनविरोधी हर मुद्दे को लेकर घेरा है। गत तीन वर्षों ने मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा के अंदर और विधानसभा के बाहर, हर जगह सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं। सरकार के हर जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ आवाज उठाई तो भ्रष्टाचार के मुद्दे उजाकर कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके साथ ही सरकार के द्वारा किए गए वायदों पर नाकामी को भी जनता के सामने उजाकर किया। प्रदेश में बढ़ते अपराधों, खनन माफिया के बढ़ते कारोबार, भाजपा सरकार के राज में बढ़ती महंगाई के साथ हर निर्णय के खिलाफ आवाज उठाने में मुकेश अग्निहोत्री कामयाब रहे हैं और सरकार कटघरे में खड़ी नजर आई है। सही कहा जाए तो प्रदेश के विपक्ष के नेता के तौर पर मुकेश अग्निहोत्री के आवाज ही सरकार से लेकर जनता के बीच पहुंचे और उनकी आवाज को जनसमर्थन हासिल होने पर सरकार को कदम खींचने पड़े। मुकेश अग्निहोत्री अपनी इसी ताकत के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता के बीच अपनी जगह बनाने में कामयाब हो रहे हैं। जिसका ही परिणाम है कि अब आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी करने वाले कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी भी मुकेश अग्निहोत्री को अपने क्षेत्र में कार्यक्रमों के लिए नेता के रुप में आमंत्रित कर रहे हैं। हर जगह मुकेश अग्निहोत्री को मिल रहे जनसमर्थन से कांग्रेसी नेताओं में भी चर्चा हैं जो परदे के पीछे प्रदेश नेतृत्व हासिल करने की सियासी जोड़ तोड़ में लगे हैं। लेकिन नेता तो वही होता है जो प्रदेश की जनता के बीच में नेता माना जाए और वह स्थान मुकेश अग्निहोत्री हासिल कर रहे हैं, जिसके कारण ही उनका स्वागत ऐसे नारों के साथ हो रहा है।