हिमाचल में ‘फ़ेक ‘पत्रकारों को दिया भाजपा सरकार पर षड्यंत्र का ज़िम्मा

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भाजपा की चुनावों में लगातार जीत से बौखलाए विरोधी
बंद कमरों में ड्राफ़्ट हो रहे पुलिंदे , WhatsApp पर सोशल मीडिया में चलाने को प्रेषित हो रहे संवाद
इस व्यवसाय में विरोधीयों से जुड़े कथित सम्पादक भी शामिल

ब्युरो
हिमाचल प्रदेश प्रशासन में अहम पदों पर नियुक्तियों की आहट के साथ ही षड्यंत्रों का दौर शुरू हो गया है ।राज्य में बोर्डों निगमों में नियुक्तियों और संविधानिक पदों पर बैठने की कसरतों के बीच राजनेता -पत्रकारों और चुनिंदा सोशल मीडिया एक्टिविस्टओं के माध्यम से सत्ता पर बैठे लोगों पर निशाने साध रहे हैं ।
सूत्र बताते हैं कि विपक्ष के नेताओं और गैर भाजपा विचारधारा के लोगों के इशारों पर झूठी सूचनाएं घढ कर प्रेषित की जा रही हैं ।ताकि इमानदार व काबिल लोगों को भाजपा सरकार की टीम से बाहर किया जा सके ।
बताया जा रहा है कि इन लोगों की परेशानी बढ़ गई है जिन्हें लग रहा है कि जयराम सरकार की कार्य अवधि में विकास तेजी से हो रहा है और जनता में लगातार भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ा है । विरोधी सकते में हैं कि लगातार जयराम की लीडरशिप में हर प्रकार के चुनाव भाजपा जीतती जा रही है ।चाहे उपचुनाव हों या लोक सभा या पंचायत चुनाव ।
बताते हैं कि सरकार को फेल करने की कवायद में झूठे पुलिंदे बंद कमरों में ड्राफ़्ट किए जा रहे है और ऐसे लोगों से पैसे देकर लिखवाए जा रहे हैं जिनको अंदर खाते ‘तोहफ़ों ‘से भी नवाजा जा रहा है ।
सूत्रों के मुताबिक ऐसी’फेक खबरों ‘को सोशल मीडिया के नक़ली पत्रकारों के माध्यमों में चलाने का ‘इनाम ‘दिया है। इस राजनीतिक रंजिश के पीछे कथित चंडीगढ़ के सम्पादकों को भी ख़ुश किया गया है ।जिनके विरोधी नेताओं से पूर्व में सम्बन्ध रहे हैं ।इनमें कोविड के दौर में सड़कों में घूम रहे लेखकों के अलावा कुछ वे अफ़सर भी हैं जिनको मनपसंद विभाग नहीं मिले ।और पूर्व सरकारों में मलाईंदार पोस्टों में रहे थे ।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जयराम के सीएम बनने से बौखलाए लोगों ने सत्ता में आते ही कई आरटीआई लेने वालों को गलत काम करने का ज़िम्मा दे दिया था ।जिनके व्यवसाय सोशल मीडिया में या फ़ेक अख़बारों में पोस्ट चस्पा करना है और उनकी कमाई इसी तरह की है। या उन कथित पत्रकारों को ख़रीदा गया जिनका जीवन और घर इसी काम से चलता है ।
अब आने वाले समय में सरकार ने डी॰सी॰ , एस॰पी॰ ,व अफ़सर बदलने हों या बिजली बोर्ड हो या पर्यटन निगम हो या बैंकों में चेयरमैन की पोस्टें या CPS की तैनाती या सूचना आयुक्त का ख़ाली होने वाला पद या चुनाव आयुक्त के विवादित पद अथवा ख़ाली होने जा रहा लोक सेवा आयोग के पद ।
सभी पर नाकाबिल व भ्रष्टलोगों को लगाने के लिए सरकार पर ऐसे षड्यंत्र करके दबाव बनाया जा रहा है ।ताकि जयराम सरकार के विकास के रास्ते में रोड़े डाले जा सकें । पार्टी के लोगों ने इसी साजिश में शामिल उन लोगों की जांच की मांग भी की है ताकि ब्लैकमेलर सोशल ऐक्टिविस्ट और नेताओं के चेहरे बेनकाब हो सके ।