लाहौल की धरती पर लड़ी टनल के श्रेय की लड़ाई, मुकेश अग्निहोत्री ने रात भर मनाया जश्न, नींव रखने वालों को भूलने पर भाजपा पर किया जवाबी हमला

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संदीप उपाध्याय

शिमला. अटल टनल रोहतांग की सौगात प्रदेश वासियों को मिल गई है। जिससे खासतौर से लाहौल की समृद्धि के द्वार भी खुल गए हैं। अटल टनल के उद्घाटन के साथ ही इसका श्रेय लेने की सियासत भी शुर हो गई है। टनल के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियासी भाषण देकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल का नाम तो गिनाया लेकिन टनल की नींव रखने वालों को भूल गए। कारण यह था कि टनल की नींव कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रखी थी। सोनिया गांधी को भूलने पर उद्घाटन समारोह में उपस्थित विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री समेत कांग्रेसी विधायकों विरोध दर्ज किया। वहीं मुकेश अग्निहोत्री ने लाहौल की जनता के बीच जाकर रैली का आयोजन किया और बताया कि रोहतांग टनल की नींव कांग्रेस की केंद्र सरकार के समय सोनिया गांधी ने किया था और टनल बनाने के लिए बजट का प्रावधान भी कांग्रेस की केंद्र सरकार ने किया। भाजपा सरकार ने नामकरण और उद्घाटन कर राजनीति की है।

लाहौल की जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में मुकेश अग्निहोत्री, विधायक सुंदर ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह, आशीष बुटेल और लाहौल के पूर्व विधायक रवि ठाकुर भी शामिल थे जो लाहौल की जनता के साथ टनल की सौगात के अवसर पर जश्न मनाते रहे।

रोहतांग टनल के उद्घाटन के बाद विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने लाहौल के पूर्व विधायक रवि ठाकुर के संग रैली का आयोजन किया। इसके साथ ही टनल के समीप आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सैकड़ों महिलाओं के साथ जश्न का कार्यक्रम भी हुआ। जिसमें महिलाओं ने जश्न के मौके पर अपना पारंपरिक नृत्य भी किया। इस तरह कांग्रेस नेताओं ने रोहतांग टनल बनने में कांग्रेस सरकार के योगदान को भी जनता के बीच बताया। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री सहित आशीष बुटेल ने भी सोशल मीडिया पर टनल के शिलान्यास करते हुए सोनिया गांधी की फोटो पोस्ट कर जनता को बताने का प्रयास किया कि आखिर कार टनल की नींव कांग्रेस सरकार ने रखी थी।

इस तरह टनल बनाने का श्रेय लेने का प्रयास भाजपा सरकार ने उद्घाटन समारोह में किया तो कांग्रेसी नेताओं ने जनता के बीच जाकर टनल का श्रेय लेने का प्रयास किया।

अटल टनल के उद्घाटन समारोह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन पूरी तरह सियासी ही नजर आया। मोदी ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2014 तक टनल का काम कुछ भी नहीं हुआ था। 2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद ही टनल के काम में तेजी आई। जिसके कारण ही यह 2020 में बनकर तैयार हो पाई। यदि यूपीए सरकार के समय जैसा काम होता तो यह टनल 2040 तक बन पाती। प्रधानमंत्री के इस बयान पर भी कांग्रेसी नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि उद्घाटन समारोह में भी प्रधानमंत्री हिमाचल की जनता के बीच झूठ बोल कर चले गए। हकीकत यह है कि टनल की नींव सोनिया गांधी ने रखी थी और यूपीए सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में ही टनल का बहुत काम हो चुका था। कांग्रेसी नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब सोनिया गांधी ने शिलान्यास किया था तब उन्होंने टनल की सोच के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी का नाम अपने संबोधन में लिया था। जिससे साबित होता है कि कांग्रेस जो काम करता है, उसे श्रेय देने में पीछे नहीं रहती चाहे वह विपक्षी दल के नेता क्यों न हों। लेकिन प्रधानमंत्री अपने नेताओं को गुणगान तो कर गए लेकिन नींव रखने वालों को भूल गए। याद रहना चाहिए कि जब तक किसी भी निर्माण की नींव नहीं रखी जाएगी तब तक निर्माण ही शुरु नहीं होता। भाजपा सरकार नामकरण करने और उद्घाटन करने पर ही पूरे निर्माण का श्रेय लेना चाह रही है। जबकि सच्चाई जनता को पता है कि टनल की नींव किसने रखी है। शिलान्यास कार्यक्रम प्रदेश के लोगों को याद है।