मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री को घेरा, विधायक नामक संस्था की गरिमा खत्म कर रही सरकार, सरकारी कार्यक्रमों का हो रहा भगवाकरण

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शिमला. विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विधायकों को कमजोर करने का कार्य कर रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में विधायक नामक संस्था को कमजोर करने के लिए जाने जाएंगे। इनके कार्यकाल में विपक्ष के विधायकों के साथ पूरी तरह भेदभाव हो रहा है। अग्निहोत्री ने कहा कि वर्ष 2019 – 20 और उसके बाद सड़कों और पेयजल योजनाओं की प्राथमिकताएं दी थीं लेकिन आज तक डीपीआर नहीं बनी हैं। डीपीआर न बनने से नाबार्ड को नहीं जा सकीं जिससे की विकास कार्यों के लिए फंडिग नहीं हो सकी। क्या सरकार उन अफसरों पर कार्रवाई करेगी जिन्होंने कांग्रेस विधायकों की प्राथमिकता के कार्यों की डीपीआर नहीं बनाई है। इसके साथ ही नाबार्ड के बजट के आबंटन पर भेदभाव का आरोप लगाया। सरकार कहती है कि नाबार्ड से 2200 करोड़ का बजट आया है तो हर विधानसभा को 40 करोड़ से अधिक का बजट आना चाहिए था लेकिन नहीं आया। जिससे साबित होता है कि सरकार भेदभाव कर रही है। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय आधे काम हो चुके हैं लेकिन आधे कामों के लिए अफसर खुद ही लिख दे रहे हैं कि वह फिजिवल नहीं है, जो कि गलत है। गत वर्षों में हुई विधायक प्राथमिकता की बैठकों में विधायकों द्वारा दिए गए विकास कार्यों की अभी तक डीपीआर नहीं बनी है। कांग्रेस विधायकों के लिए यह बैठक मात्र औपचारिकता रह गई हैं। सीधे मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि इस बैठक में पद का सम्मान करते हुए आए हैं लेकिन विधायक प्राथमिकता के कार्य हो ही नहीं रहे हैं। आज शिमला के सचिवालय में आयोजित विधायक प्राथमिकता की बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और मुकेश अग्निहोत्री के बीच फेस टू फेस आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार पर आरोप लगाया कि कोरोना संकट के नाम पर विधायक निधि बंद कर दी गई लेकिन सरकार ने अपनी फिजूलखर्ची नहीं रोकी। इस दौरान सरकार ने कई लाखों रुपए की गाड़ियां खरीदीं है जो चेयरमेन और वायस चेयरमेन लेकर घूम रहे हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने विधायक निधि को शुरु करने और ऐच्छिक निधि को बढ़ाए जाने की मांग की है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों में विधायक निधि और विधायक प्राथमिकता के होने वाले विकास कार्यों की शिलान्यास और उद्घाटन पट्टिकाओं में विधायकों के नाम अंकित नहीं किए जाते और हारे हुए लोगों को प्राथमिकता दी जाती है। विधायकों की टूटी हुई पटि्टकाओं को लगाने को कहा गया लेकिन भाजपा के विधायकों की लग गई लेकिन कांग्रेस विधायकों की नहीं लगाई गईं हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि नाबार्ड के पैसों के साथ केंद्र से आने वाले बजट के आबंटन में भी भेदभाव किया जा रहा है। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि स्वर्ण जयंती पर आयोजित समारोह में कांग्रेस के स्थानीय विधायकों को बुलाया ही नहीं जा रहा है और सरकारी खर्चे से होने वाले स्वर्ण जयंती के कार्यक्रमों को भगवाकरण किया जा रहा है। वहां पर सरकारी खर्चे से भाजपा के झंडे के कलर के टेंट लगाए जा रहे हैं और भाजपा नेताओं के भाषण हो रहे हैं जो विकास के बात न कर कांग्रेस को कोसने का मंच बना है। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि विधानसभा क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों को लेकर जिले के लोक निर्माण विभाग व आईपीएच विभाग के अधिकारी कांग्रेस विधायकों को सहयोग ही नहीं करते हैं। विधायक प्राथमिकताओं के कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों को विधाकयों से चर्चा करने चाहिए लेकिन सरकार के इशारे पर बात ही नहीं करते। मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री से कहा कि आप कर्मचारियों के हितैषी बनते हैं तो कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करें। जो आपकी केंद्र की सरकार ने ही बंद की थी। इसके साथ ही करुणामूलक आधार पर पेंडिग 4500 भर्तियों को जल्द भरें। इसके साथ ही एसएमसी वालों के हक में आए अदालती फैसले के अनुसार करीब 2500 शिक्षकों को नियमित करें। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों के कांट्रेक्ट समय को 8 साल से 3 साल कर सबको नियमित करें। अग्निहोत्री ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर सरकार निर्णय लेकर बजट में प्रावधान करे। इस तरह मुकेश अग्निहोत्री ने आज कई मुद्दों को लेकर सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को घेरा। मुकेश अग्निहोत्री के आरोपों पर बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सही मंच नहीं है इस बातों को करने का। जिस पर अग्निहोत्री ने कहा कि विधायकों की बैठक में विधायकों की गरिमा की बात करना बहुत ही जरुर है। जब विधायक नाम की संस्था ही कमजोर हो जाएगी तो फिर लोकतंत्र कैसे मजबूत होगा। मुकेश के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ऐसा कोई मकसद नहीं है। आगे भी सरकार प्रयास करेगी कि सभी विधायकों के क्षेत्र में संतुलित विकास किया जाए। जिस पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आप भरोसा तो दिला रहे लेकिन सरकार की करनी से उम्मीद नहीं है कि वह विधायकों को मजबूत करने का काम करेगी। इस तरह विधायक प्राथमिकता की मीटिंग में मुकेश अग्निहोत्री ने तथ्यों के साथ मुख्यमंत्री को घेरने का प्रयास किया।