मुकेश अग्निहोत्री ने बढ़ाए प्रदेश स्तरीय नेतृत्व करने की ओर कदम, शुरु किया कांगड़ा-चंबा का दौरा, अगले मुख्यमंत्री के रुप में देख रहे समर्थक

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शिमला. प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद से विपक्ष के  नेता मुकेश अग्निहोत्री अब प्रदेश स्तरीय नेतृत्व की कमान संभाल ली है। विधानसभा में विपक्ष के नेता बनने के साथ ही वह प्रदेश के कांग्रेसी विधायकों के नेता तो बन ही गए हैं। अब वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता के नेता बनने के लिए निकल पड़े हैं। अग्निहोत्री ने कांगड़ा-चंबा का दौरा शुरु किया है। प्रदेश की सियासत में कांगड़ा-चंबा का महत्व समझते हुए ही उन्होंने अपना कार्यक्रम बनाया है। जिसमें उनका कांगड़ा दौरा सफल भी साबित होता दिखाई दिया। वह सबसे पहले जिले के सबसे सीनियर नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल से मिले। बुटेल के बेटे आशीष बुटेल पालमपुर से विधायक भी हैं। इसके साथ ही धर्मशाला में जिले के वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक सहित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ मंथन किया। धर्मशाला से ही मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला और कोरोना संक्रमण को रोकने में सरकार की विफलता और जमीन घोटाले को लेकर सरकार को घेरा। जिससे सीधा संदेह दिया कि वह सरकार को घेरने में भी किसी से पीछे नहीं हैं।

मुकेश अग्निहोत्री के कांगड़ा-चंबा दौरे में वीरभद्र समर्थकों के साथ-साथ प्रदेश की सियासत में वीरभद्र विरोधी माने जाने वाले नेताओं का साथ भी मुकेश अग्निहोत्री को मिला। इसके साथ ही युवा वर्ग भी मुकेश अग्निहोत्री के कांगड़ा दौरे पर उत्साहित रहा जो उन्हें अगले मुख्यमंत्री के रुप में देख रहा है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद से विपक्ष का नेता बनने के समय ही प्रदेश की सियासत में मुकेश अग्निहोत्री को अगले मुख्यमंत्री के रुप में देखा जाने लगा है। सियासत में कब, क्या हो जाए, यह तो समय आने पर ही पता चलता है लेकिन वर्तमान सियासत के समीकरण देखें जाएं तो कांग्रेस नेता के रुप में मुकेश अग्निहोत्री ही नजर आ रहे हैं। अगले विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय सियासत को अलविदा कहते हैं तो प्रदेश का नेतृत्व करने वाले कांग्रेसी नेताओं की लाइन में मुकेश अग्निहोत्री ही नंबर वन पर होंगे, यह तय है। कांग्रेस के सीनियर नेता जीएस बाली, कौल सिंह ठाकुर गत विधानसभा चुनाव हार जाने के कारण प्रदेश की वर्तमान सियासत में पीछे नजर आ रहे हैं। वहीं सुखविंदर सिंह सुक्खू सक्रिय तो हैं लेकिन वीरभद्र की सियासत के सामने कहीं टिक नहीं पा रहे हैं। मुकेश अग्निहोत्री आगे की सियासत और मुख्यमंत्री पद की दाबेदारी को लेकर कुछ कहते तो नहीं है लेकिन अपनी सियासी रणनीति के चलते उनके कदम जिस तरह प्रदेश स्तरीय सियासत की ओर बढ़ रही है जिससे साबित होता है कि वह प्रदेश नेतृत्व को संभालने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।  

कांगड़ा दौरे में मुकेश अग्निहोत्री के साथ विधायक आशीष बुटेल और पवन काजल रहे तो जिला अध्यक्ष अजय महाजन के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की। इनमें अगले विधानसभा चुनाव में टिकट के दाबेदार भी शामिल रहे। धर्मशाला के पूर्व विधायक सुधीर शर्मा शहर से बाहर होने के कारण नहीं रहे लेकिन गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे विजय इंद्र लगातार साथ रहे। धर्मशाला के बाद मुकेश अग्निहोत्री चंबा जिले के दौरे पर जा रहे हैं। वहां सबसे पहले पूर्व मंत्री आशा कुमारी के साथ सियासी मंथन के बाद चंबा और भरमौर का दौरा भी करेंगे। तय है कि पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के साथ भी सियासी मंथन होगी। भरमौरी का भी कांगड़ा और चंबा के गद्दी समुदाय में भारी प्रभाव है। इस तरह कांगड़ा- चंबा जिले के सभी प्रमुख नेताओं से मुकेश अग्निहोत्री मुलाकात कर अपना संपर्क भी बढ़ाएंगे और सीनियर नेताओं के साथ सियासी मंथन भी करेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने कांगड़ा-चंबा जिले के सियासी दौरे की टाइमिंग को भी समझना जरुरी है। प्रदेश की वर्तमान सरकार के ढाई साल पूरे हो गए हैं। दिसंबर में तीन साल पूरे हो जाएंगे। सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद ही प्रदेश की अगले विधानसभा चुनाव के लिए सियासी माहौल तैयार होने लगता है। इसके साथ ही वर्तमान में पंचायत चुनाव भी होने जा रहे हैं। जिससे चुनाव महौल शुरु होने से पूर्व ही प्रदेश के सभी पहली, दूसरी और तीसरी लाइन के नेताओं से संपर्क करना और उनको पहचानने का सही समय है। पंचायत चुनाव में जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी और जिनका प्रदर्शन ठीक रहेगा, वहीं नेता और कार्यकर्ताआ आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अधिक उपयोगी होंगे। इस लिहाज से मुकेश अग्निहोत्री ने पंचायत चुनाव के पहले ही अपनी रणनीति के तहत कांगड़ा –चंबा का दौरा किया है। संभव हो सकता है कि अग्निहोत्री कांगड़ा और चंबा के बाद प्रदेश के अन्य जिलों को दौरा करें और पंचायत चुनाव में ही कंाग्रेस पार्टी की विजय का बिगुल बजाकर आगामी विधानसभा चुनाव में कामयाब होने की तैयारी करें।

चंबा से लौटकर मुकेश अग्निहोत्री कंागड़ा में पूर्व मंत्री और कांगड़ा के दिग्गज नेता जीएस बाली से भी मुलाकात करेंगे। इस तरह मुकेश अग्निहोत्री का कांगड़ा-चंबा जिले का दौरा कांग्रेस पार्टी के नेताओं में ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना है कि मुकेश अग्निहोत्री के दौरे को लेकर कांग्रेस नेताओं की क्या क्रिया और प्रतिक्रिया होती है। कुछ भी हो लेकिन मुकेश अग्निहोत्री अपनी सियासी रणनीति के तहत की अपने कदम बढ़ा रहे हैं, जिसकी कामयाबी की उम्मीद भी उनके समर्थक लगाए बैठे हैं।