मुख्यमंत्री के सुरक्षा कवच बने पठानिया, पहली बार किसी मंत्री ने खुलकर बोला विपक्ष के नेता पर हमला

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शिमला. भाजपा के तेजतर्रार राजपूत विधायक राकेश पठानिया अब खुलकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ढाल बनते दिख रहे हैं। मंत्री पद पर विराजमान होने के बाद ही राकेश पठानिया ने विपक्ष के नेता पर पलटवार करते हुए जवाबी हमला किया। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने धर्मशाला में सरकार पर निशाना साधते हुए कोरोना संक्रमण से निपटने में सरकार को नाकाम बताया और सरकार को ही कोरोना फैलाने का दोषी करार दिया। सरकार पर ऐसा हमला मुकेश अग्निहोत्री हमेशा से करते आ रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से करारा जवाब न मिलने पाने के कारण वह हावी नजर आते रहे। लेकिन पहली बार किसी मंत्री ने विपक्ष के नेता पर पलटवार करते हुए जवाब दिया तो वह राकेश पठानिया ने दिया। इससे पहले विपक्ष के आरोपों का जवाब सरकार की ओर से मंत्रियों के नाम से जारी प्रेस बयान से ही दिया जाता रहा। कोई भी मंत्री प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर जवाब नहीं देता था और न ही सीधे तौर पर विपक्ष पर हमला करता था। लेकिन राकेश पठानिया ने बकायदा कोरोना संक्रमण के दौरान सरकार के द्वारा प्रदेश की जनता के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख कर विपक्ष के नेता को जवाब दिया। जिससे साबित होता है कि अब राकेश पठानिया मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सुरक्षा कवच के अवतार में नजर आते रहेंगे।

अब विधानसभा सत्र का ऐलान हो गया है जो 7 सितंबर से शुरु होगा। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने साफ कर दिया है कि विपक्ष सरकार से कोरोना संक्रमण रोकने में नाकामी, कोरोना काल में हुए भ्रष्टाचार, कोविड फंड के दुरुपयोग सहित कई मुद्दों पर सरकार से सवाल करेगी और सदन में घेरेगी। अभी सत्र के शुरु होने को 18 दिन का समय है तब तक कांग्रेस और कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेगी। वहीं पठानिया भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयार है। उम्मीद यही है कि सदन में सत्ता पक्ष की ओर से राकेश पठानिया की आवाज ही बुलंद होगी। पठानिया को अपनी आवाज बुलंद करने के सियासी कारण भी है। सरकार में अभी मंत्रीमंडल विस्तार और विभागों में फेरबदल किया गया है। जिससे कई मंत्रियो के विभाग छीन लिए गए हैं। वहीं पठानिया नए मंत्री बने हैं तो मंत्री पद का जोश भी है। दूसरी बात विभाग के बदलने से कई मंत्री अंदर ही अंदर खफा भी हैं। जिससे वह विधानसभा में शांत रहना ही बेहतर समझेंगे वहीं कई मंत्री विपक्ष के आरोपों से घिरे हैं जिससे वह भी कम ही बोलेंगे। पठानिया नए मंत्री बने हैं तो अभी किसी भी आरोप से घिरे नहीं हैं जिससे वह बोलने की ताकत भी रखेंगे। वहीं पठानिया मुख्यमंत्री के करीबी बनने के लिए भी अपनी आवाज ऊंची रखेंगे। जिससे यह साबित हो कि वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ मजबूती से खड़े हैं। इन सब कारणों से आने वाले विधानसभा सत्र में भी विपक्ष के आरोपों का जवाब वन मंत्री राकेश पठानिया ऊंची आवाज में देने की कोशिश करेंगे। अब देखना है कि पठानिया के साथ और कौन मंत्री विपक्ष के जवाब देने की कोशिश करता है।

सत्ता के ढाई साल बाद भाजपा के तेजतर्रार विधायक राकेश पठानिया को मंत्री की कुर्सी हासिल हुई । लंबे समय की सियासी मशक्कत के बाद मंत्री की कुर्सी में बैठने के बाद पठानिया तेजी से सक्रिय हो गए हैं। मंत्री बनते की कांगड़ा की सियासत की कमान संभालने की सियासत करते हुए पठानिया ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का चार द्विवसीय दौरे का कार्यक्रम बनाया और कांगड़ा जिले में सत्ता और संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। पठानिया लगातार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अगुआ नेता की तरह सक्रिय रहे और प्रशासनिक अमले को भी सक्रिय करने की कसरत की। मंत्री पद संभालने के बाद कांगड़ा पहुंचे पठानिया ने सबसे पहले कांग्रेस पार्टी के उन आरोपों का जवाब दिया जिसमें कहा जाता है कि भाजपा सरकार कांगड़ा के साथ भेदभाव कर रही है। पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सरकार कांगड़ा के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास करवा रही है। इसके साथ ही कांगड़ा की सियासत में उठती विरोध की आवाज को भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सत्ता और संगठन के नेताओं के साथ मीटिंग कर शांत करने का प्रयास किया। वहीं पठानिया सियासत की नई लकीर भी खींचना चाह रहे हैं। वह वीआईपी कल्चर से दूर रहकर मंत्री को मिलने वाले एस्कार्ट सुविधा को न लेने का ऐलान कर चुके हैं तो वहीं धर्मशाला में मंत्री का कार्यालय भी तैयार कर रहे हैं जिसमें मंत्री सप्ताह में एक दिन बैठकर जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे। इस तरह पठानिया यह साबित करने का प्रयास करेंगे कि मंत्री पद भले ही देर से मिला लेकिन अब वह कांगड़ा जिले में विकास की नई लकीर खींचेंगे।