गजब की सियासत : 450 करोड़ के कर्ज को ही उपलब्धि मान रहे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री

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शिमला. प्रदेश उपलब्धियों को लेकर गजब की सियासत चल रही है। अभी तक विकास कार्य को सरकार की उपलब्धि माना जाता रहा है। लगभग 55 हजार करोड़ के कर्ज में लदी प्रदेश सरकार कुछ नहीं तो अब कर्ज को ही उपलब्धि मानने लगी है। इसी कर्ज का विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस के साथ भाजपा के नेता ही लगातार सत्ता पक्ष को घेरते रहे हैं। अब केंद्र सरकार के द्वारा प्रदेश को दिए गए कर्ज को ही जनता के बीच उपलब्धि के रुप में गिना रहे हैं। कोरोना संकट काल में केंद्र सरकार ने राज्यों को जीएसटी का हिस्सा नहीं दिया। जीएसटी के हिस्सा न दे पाने वाली केंद्र सरकार ने कहा कि इसके बदले वह कर्ज लें ले, जिसमें ब्याज नहीं लगेगा। भाजपा शासित राज्यों ने केंद्र सरकार की हां में हां मिलाते हुए कर्ज ले लिया। केंद्र के द्वारा दिए गए 450 करोड़ के कर्ज को पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्र का धन्यवाद किया। अब केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर जनता के बीच उपलब्धि के तौर पर बता रहे हैं कि केंद्र सरकार ने राज्य को 450 करोड़ का ब्याज मुक्त कर्ज दिया। जिस पर विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास कोई उपलब्धि गिनाने को नहीं है तो वह कर्ज को ही उपलब्धि मान रही है और जनता के बीच गिना रही है। मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्र के समक्ष अपनी बात रखने में नाकाम रहे हैं और कर्ज में डूबी सरकार और कर्ज लेती जा रही है। जिससे प्रदेश आर्थिक दिवालिया पन की ओर जा रहा है।
केन्द्रीय वित्त एवं कॉपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के इस कठिन दौर में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को अगले पचास वर्षों के लिए 450 करोड़ रूपये का ब्याजमुक्त ऋण मुहैया करवाया है। इसी तरह उत्तराखंड राज्य को भी 450 करोड़ जबकि देश के उत्तरपूर्वीय राज्यों के लिए भी 200-200 करोड़ रूपये की धनराशि मुहैया करवाई है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन कोष, राजस्व घाटा अनुदान के साथ-साथ केन्द्रीय करों में राज्य का हिस्सा तथा विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं का हिस्सा भी पहले ही मुहैया करवाया है।
इस तरह केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रदेश के भाजपा नेता कर्ज को ही उपलब्धि गिना रहे हैं। अब सरकार और भाजपा की यह उपलब्धि जनता को कितनी भाती है यह तो समय आने पर ही पता चलेगा।