राकेश पठानिया ने कांगड़ा में फिर साबित की अपनी सियासी ताकत, सरकार की बचाई लाज, बनेगा भाजपा का मेयर

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शिमला. सरकार में वन एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने एक बार फिर कांगड़ा जिले में अपनी सियासी ताकत साबित की है। धर्मशाला निगम चुनाव में प्रभारी के तौर पर मोर्चा संभाले पठानिया की सियासी रणनीति और मेहनत के कारण ही भाजपा मेयर पद पर कब्जा करने की स्थिति में हैं। जहां पठानिया को कांग्रेस नेताओं के साथ अपने ही नेताओं के अंदरूनी विरोध से लड़ना पड़ा।भाजपा नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा की लड़ाई इतनी अधिक थी कि वह अपनों को ही हराने के लिए सीधे तौर पर और पर्दे के पीछे काम करते रहे। चुनावी मैदान में सबसे अधिक बागी उम्मीदवार भाजपा के थे और पार्टी को दर्जनों नेताओं पर अनुशनात्मक कार्रवाई कर निलंबित भी करना पड़ा। इतने विरोध के बाद भी पठानिया लगातार मैदान में डटे रहे और सबसे अधिक सीटें भाजपा के खाते में लाने में कामयाब रहे। भाजपा ने 8 वार्डों में विजय प्राप्त की है और बहुमत के लिए एक पार्षद की आवश्यकता है। पठानिया अभी भी डटे हैं, जिससे तय है कि धर्मशाला में मेयर भाजपा का ही बनेगा। यहां कांग्रेस को पांच और चार सीटों पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है। जीते हुए निर्दलियों में दो भाजपा के बागी नेता हैं। जिससे उम्मीद है तो दोनों भाजपा के बागी अब अपनी पार्टी के साथ ही चलेंगे, जिससे मेयर भाजपा का बनना तय है।
प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला में भाजपा का मेयर बनने से सरकार को भी राहत मिलेगी। चार नगर निगम के चुनाव में पालमपुर और सोलन में कांग्रेस को बहुमत मिला है और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। सिर्फ मुख्यमंत्री के गृह जिले मंडी में ही भाजपा को बहुमत मिला है। जिससे सीधे तौर पर कहा जाए तो भाजपा का हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में धर्मशाला में भाजपा का मेयर बनने से सरकार की लाज भी बचेगी। कम से कम कांग्रेस और भाजपा के खाते में 2 -2 नगर निगम आ जाएगा। धर्मशाला में भाजपा नहीं जीतती तो सीधे तौर पर भाजपा की हार सामने आती। यह राकेश पठानिया की मेहनत है जो धर्मशाला में भाजपा की जीत दर्ज हुई है।
निगम चुनाव की घोषणा होने बाद पार्टी ने राकेश पठानिया को धर्मशाला का प्रभारी बनाया। प्रभारी बनने के बाद पठानिया लगातार धर्मशाला में डटे रहे। प्रचार के दौरान हर वार्ड में घर-घर जाकर मतदाताओं से वोट मांगे। पार्टी के दर्जनों विरोधियों को मनाने में भी पठानिया कामयाब रहे। जिसका ही आज परिणाम है कि आज धर्मशाला में भाजपा को मेयर बनने जा रहा है।
निगम चुनाव के पहले पठानिया पंचायती राज चुनाव में भी कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के प्रभारी रहे हैं। जिसमें कामयाब होते हुए पठानिया ने कांगड़ा और चंबा में जिला परिषद अध्यक्ष पर कब्जा करने में सफल रहे हैं। जिससे पठानिया ने फिर कांगड़ा जिले में अपनी सियासी ताकत साबित की।