शिमला डीसी अमित कश्यप का तबादला होने से शहर के लोगो में रोष, सरकार से रद्द करने की मांग

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शिमला. सरकार ने आधी रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया जिसमें प्रदेश के 7 जिलों के डीसी सहित 22 आईएएस अफसरों के विभागों में फेरबदल किया है। लेकिन शिमला के डीसी अमित कश्यप के तबादले को लेकर शिमला शहर के लोगों में रोष नजर आ रहा है। सुबह जब शहर की जनता को डीसी के तबादले का समाचार मिला तो सैकड़ों लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया में लोगों ने कोरोना काल के दौरान अमित कश्यप द्वारा किए गए बेहतर कार्यों की प्रशंसा की है। लोगों ने कहा कि संकट के समय में एक बेहतर प्रशासनिक अधिकारी के रुप में आपने लोगों को संकट से बचाया है जिसके लिए शहर के लोग हमेशा आपके आभारी रहेंगे। वहीं कुछ सामाजिक संगठन के लोगों ने अमित कश्यप के तबादले के सरकार के निर्णय को गलत ठहराते हुए सरकार से मांग की है कि उनका तबादला रद्द किया जाए वहीं सामाजिक संगठनों ने विपक्षी दल कांग्रेस नेताओं से भी अनुरोध किया है कि वह इस तबादले के विरोध में सरकार की खिलाफत करें।
शिमला के डीसी रहे अमित कश्यप ने कोरोना संकट काल में कोरोना योद्धा के रुप में फ्रंट फुट पर रहकर लड़ाई लड़ी हैं। संकट काल में वह जनता की हर समस्या के लिए आगे खड़ नजर आते रहे हैं और शिमला को कोरोना से बचाने के लिए बेहतरीन प्रयास किए हैं। इसी का परिणाम रहा है कि जब प्रदेश में अन्य जिलों में कोरोना के मामले हजारों में पहुंच रहे थे तब शिमला में कोरोना का आंकड़ा सौ के पार भी नहीं हुआ था। जबकि प्रदेश की राजधानी होने के कारण शिमला में अन्य प्रदेश के लोगों की आवाजाही अधिक होती रही है। सरकार के द्वारा कोविड 19 के लिए निर्धारित गाइड लाइन की पालना सुचारु रुप से कराने के कारण ही यह सब संभव हो पाया था। कोरोना संकट कॉल में अमित कश्यप ने अपनी पूरी प्रशासनिक टीम के साथ कोरोना से निबटने की ऐसी रणनीति बनाई थी कि तमाम बंदिशों के बावजूद शहर को लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी और कोरोना संक्रमण को फैलने से भी रोका गया। शायद यही कारण है कि आज अमित कश्यप का तबादला होने पर लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देकर उनका धन्यवाद कर रहे हैं। सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया में लोगों का कहना है कि अभी कोरोना संकट खत्म नहीं हुआ है और प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव भी होने है, इस कारण सरकार को अमित कश्यप का तबादला रद्द करना चाहिए। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने के कारण कोरोना संक्रमण के अधिक फैलने की संभावना है जिससे कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए सटीक रणनीति की जरुरत है। जिसे अमित कश्यप जैसे काबिल और अनुभवी अधिकारी ही अंजाम दे सकते हैं।
कोरोना संकट काल के पूर्व भी डीसी अमित कश्यप ने अपनी साफ सुथरी छवि और काम करने की स्पष्ट नीति के चलते शहर के लोगों के दिलों को जीता है। शिमला शहर के अलावा अपर शिमला ठियोग, चौपाल, रामपुर और रोहड़ू क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के समय आने वाली समस्याओं का हल करने के लिए खुद ही जान जोखिम में डालकर क्षेत्र का दौरा करते देख गए हैं। वह चौपाल में हुए वारिश से नुकसान का जायजा लेने बारिश में ही पहुंच गए थे और लोगों को तत्काल राहत प्रदान की थी। अपने इसी प्रकार के जन हितैषी कार्यों के कारण अमित कश्यप ने जिले के लोगों के दिल में जगह बनाई थी। जिसका ही परिणाम है कि शिमला के डीसी पद से उनका जाना लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। सरकार अधिकारियों के तबादले होना एक समान्य सरकार प्रक्रिया है लेकिन बहुत ही कम अधिकारी ऐसे होते हैं जिनका तबादला होने पर जनता दुखी होती है। वैसे अधिकारी के रुप में आज अमित कश्यप को देखा जा रहा है जिनके लिए लोग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अब देखना है कि सरकार जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर अमित कश्यप के बारे में क्या निर्णय लेती है लेकिन यह तो तय है कि अमित कश्यप ने शिमला में अपने काम के दम पर लोगों के दिल में जगह बनाई है।