सुक्खू की चाहत : मुकेश अग्निहोत्री बने प्रदेशाध्यक्ष, विपक्ष के नेता की कुर्सी पर खुद बैठें

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संदीप उपाध्याय

शिमला. कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर को बदलने को लेकर पार्टी नेताओं की मुहिम लंबे समय से चल रही है। सब अपने-अपने तर्क के आधार पर कुलदीप राठौर को कमजोर प्रदेशाध्यक्ष साबित करने में जुटे हैं। इसी सियासत में कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हैं। सुक्खू भी मानते हैं कि कुलदीप राठौर को अब बदलने का समय आ गया है। वह चाहते हैं कि प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी पर वर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री विराजमान हों और विपक्ष के नेता की कुर्सी पर स्वयं सुक्खू बैठना चाहते हैं। सुक्खू का मानना है कि अब प्रदेश् सरकार के तीन वर्ष पूरे होने वाले हैं, इसके बाद प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव 2022 का माहौल और सियासत शुरु हो जाएगी। जिसके लिए पार्टी की कमान मजबूत हाथों में होनी चाहिए, जो मुकेश अग्निहोत्री हो सकते हैं। सुक्खू अपनी इस चाहत को समय-समय पर कांग्रेसी नेताओं के समक्ष रख चुके हैं लेकिन मुकेश अग्निहोत्री इस बारे में मौन ही हैं और हाईकमान का निर्णय सरआंखों पर होने की बात करते हैं। मुकेश अग्निहोत्री इतना अवश्य कहते हैं कि हाईकमान और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उन्हें विपक्ष के नेता की भूमिका दी है, जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं। हो सकता है कि मुकेश अग्निहोत्री प्रदेशाध्यक्ष बनना की इच्छा रखते हों लेकिन वह कभी भी सियासत के बड़े खिलाड़ी सुखविंदर सिंह सुक्खू को विपक्ष के नेता की कुर्सी सौंपना पसंद नहीं करेंगे। इसके लिए वीरभद्र सिंह की अनुमति भी नहीं मिलने वाली। फिर भी हाईकमान कोई निर्णय ले ले तो सुक्खू की चाहत के अनुसार सियासी बदलाव संभव भी हैं क्योंकि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं कहा जा सकता।

गत विधानसभा चुनाव 2017 में सुक्खू के प्रदेशाघ्यक्ष रहते हुए ही पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। पार्टी की हार के साथ ही सुक्खू को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने की मुहिम शुरु हुई जो सफल रही। सुक्खू को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाया गया और अप्रत्याशित रुप से कुलदीप सिंह राठौर को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। कुलदीप राठौर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता आनंद शर्मा के समर्थक हैं। आनंद शर्मा और वीरभद्र सिंह के बीच भी राजनैतिक विरोध रहता है लेकिन सुक्खू को हटाने के लिए कुलदीप राठौर की ताजपोशी के लिए वीरभद्र सिंह ने भी सहमति दे दी थी, ऐसी चर्चाएं सामने आईं थीं। जिसे सियासत कहा जाता है। कुलदीप राठौर को संगठन का अनुभव तो था क्योंकि वह कई पदों पर कार्य कर चुके थे लेकिन वह अभी तक न तो विधानसभा और न ही लोकसभा का चुनाव लड़े हैं, जिसके कारण ही उन पर सवाल उठते रहे। अब वह ठियोग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रदेशाध्यक्ष पद पर कुलदीप राठौर के विराजमान होने से कई नेता खुश हुए तो अधिकांश नेता खफा भी हुए। इसके बाद समय-समय पर कुलदीप राठौर के खिलाफ परदे के पीछे विरोध की आवाज उठती रही। मंडी के नेता पूर्व मंत्री और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर को प्रदेशाध्यक्ष बनने की मांग करते रहे तो नयनादेवी के विधायक राम लाल ठाकुर के प्रदेशाध्यक्ष बनने की बात होती रही। राम लाल ठाकुर जब दिल्ली में सोनिया गांधी या अहमद पटेल से मुलाकात करते तब मीडिया की खबरों में उनके प्रदेशाध्यक्ष पद की दाबेदारी की बात उठती रही। इसके साथ अब कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में बदलाव हुआ और प्रदेश प्रभारी के रुप में राजीव शुक्ला की ताजपोशी हुई। जिसके बाद अब प्रदेशाध्यक्ष पद पर बदलाव की चर्चाएं भी शुरु हो गईं हैं। कांग्रेस की सीनियर नेता आशा कुमारी को भी पंजाब के प्रभारी पद से हटा दिया गया है जिससे अब यह भी चर्चा है कि आशा कुमारी को प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सुखविंदर सिंह सुक्खू जो कि पूर्व में प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए गए हैं, जिससे अब वह प्रदेशाध्यक्ष पद की दाबेदारी नहीं कर रहे लेकिन वह विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के दाबेदार अवश्य हैं। वह चाहते हैं कि वर्तमान में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालें और विपक्ष के नेता पद पर खुद विराजमान हों।

यह तो बात सही है कि अब प्रदेश में विधानसभा चुनावी की हलचल और तैयारी शुरु हो जाएगी। जिससे कांग्रेस के अधिकांश नेताओं का मानना है कि पार्टी को एक मजबूत प्रदेशाध्यक्ष की जरुरत है। पार्टी के नेता कहीं खुलकर यह बात कहते हैं तो कहीं परदे के पीछे चर्चा हो रही है। सब चाहते हैं कि प्रदेशाध्यक्ष के पद पर बदलाव हो। प्रदेशाध्यक्ष पद के दाबेदारों में पार्टी के आधा दर्जन सीनियर नेताओं के नाम चर्चा में रहते हैं। जिसमें मुकेश अग्निहोत्री, कौल सिंह ठाकुर, जीएस बाली, रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी के नाम प्रमुख हैं। अब देखना यह है कि अगली बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए सभी नेता किस रणनीति पर कार्य करते हैं और हाईकमान क्या निर्णय लेता है। लेकिन यह तय है कि पार्टी के अधिकांश नेता वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को बदलना चाहते हैं। जिसमें पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हैं।