सरकार के चेहरे बदले, चाल वही , फिजूलखर्ची, महंगाई और कर्ज

 

 कांग्रेस सरकार बने अभी एक महीने भी नहीं हुए हैं फिजूलखर्ची, महंगाई और कर्ज को लेकर उठने लगे सवाल

 संदीप उपाध्याय 

शिमला, विधानसभा चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सत्ता की चाबी सौंप दी है। जिससे सत्ता पर अब कांग्रेसी चेहरे विराजमान हो गए हैं। सत्ता के चेहरे तो बदले लेकिन चाल बदली नजर नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चुनावों से पहले और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होकर लगातार व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रहे हैं। लेकिन सरकार बनने के एक महीने में अहसास हो रहा है कि सरकार की चाल बदल नहीं रही है। जो मुद्दे पूर्व भाजपा सरकार के समय प्रदेश की सियासत में उठते रहे और विपक्ष में बैठे कांग्रेसी नेता उठाते रहे, वहीं मुद्द अब कांग्रेस सरकार के समय विपक्ष में बैठे भाजपा नेता उठा रहे हैं। सरकार बनने के एक माह के अंदर ही सरकार के फिजूलखर्ची, महंगाई और कर्ज लेने के सवाल सरकार पर उठने लगे हैं।

विधानसभा के पहले ही सत्र में सरकार ने कर्ज लेने की सीमा बढ़ा दी है। जिससे अब सरकार पूर्व सरकार से भी ज्यादा कर्ज ले सकती है। कर्ज लेने की सीमा केंद्र सरकार की अनुमति के बाद बढ़ाई गई है। वहीं सूचना के अनुसार सरकार इसी माह 3500 करोड़ का कर्ज ले रही है। यही कांग्रेस नेता पूर्व भाजपा सरकार पर हिमाचल को कर्ज में डुबाने का आरोप लगाते रहे हैं। अब खुद विपक्ष के आरोप से घिरे नजर आ रहे हैं।

सरकार बनते ही सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए डीजल पर वेट बढ़ा दिया है। डीजल पर वेट लगाने से डीजल के दामों पर 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ौतरी हो गई है। डीजल का उपयोग प्रमुखता माल ढोने वाले वाहनों में होता है। जिससे तय है कि समान की ढुलाई के रेट बढ़ेंगे तो दाम भी बढ़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महंगाई को लेकर सुक्खू सरकार पर हमला भी बोला है।

इसी तरह कांग्रेस सरकार ने सभी विधायकों को सत्ता की कुर्सी देते हुए 6 मुख्य संसदीय सचिव भी बना दिए हैं। पूर्व भाजपा सरकार में यह सीपीएस नहीं थे लेकिन नई सरकार ने बना दिए हैं। अब सरकार पर 6 सीपीएस का खर्चा भी बढ़ जाएगा। सभी सीपीएस को कार्यालय,गाड़ी, मकान के साथ दर्जनों कर्मचारियों को स्टाफ भी देना होगा। जिस पर हर महीने करोड़ों रुपए का खर्च आएगा। सीपीएस की नियुक्ति पर भी विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने निशाना साधा और सरकार पर फिजूलखर्ची कर पर प्रदेश के लोगों पर बोझ डालने का आरोप लगाया है।

अभी कांग्रेस सरकार को बने एक महीने भी नहीं हुए हैं और सरकार फिजूलखर्ची, महंगाई और कर्ज को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई है। यही मुद्दों को लेकर कांग्रेस सत्ता में आई है। पूर्व भाजपा सरकार के समय विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रतिभा सिंह इन्हीं मुद्दों को लेकर लगातार घेरती रही है। अब सत्ता की कुर्सी पर बैठे कांग्रेसी मुख्यमंत्री खुद घिरे नजर आ रहे हैं। जिससे दिख रहा है कि सत्ता के चहरे तो बदल गए लेकिन चाल नहीं बदली है। सरकार उसी चाल पर चल रही है जिस चाल पर पूर्व में भाजपा की जयराम ठाकुर सरकार चल रही थी। न तो नेताओं की फिजूलखर्ची पर कोई रोक दिख रही है और न ही महंगाई पर कमी है। कर्ज लेना तो प्रदेश की मजबूरी है, जिसे कोई भी सरकार रोक नहीं सकती। नेता भी यह जानते हैं लेकिन सत्ता में आने ने सरकार को घेरते रहते है।