मंत्री की पत्नी को लैक्चरर स्कूल बनाने के लिए सरकार ने बदले नियम, पर्सनल और वित्त विभाग ने रिजेक्ट की थी फाइल

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शिमला. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार ने अपने मंत्री की पत्नी को टीजीटी से स्कूल लैक्चरर बनाने के लिए प्रमोशन के नियम ही बदल दिए हैं। मंत्री की पत्नी को प्रमोशन देने के लिए फाइल पर्सनल और वित्त विभाग से रिजेक्ट हो चुकी थी तो मंत्री जी ने कैबिनेट से फैसला करा लिया। अब पीजी में कम अंक पाने वाली मंत्री जी की पत्नी स्कूल लैक्चरर बन जाएंगी। मंत्री की पत्नी के साथ लगभग तीन दर्जन टीजीटी भी स्कूल लैक्चरर बन जाएंगे। पहले यह नियम इसलिए बनाया गया था कि थर्ड डिवीजन में पास टीजीटी को प्रमोशन नहीं दिया जाएगा जिसके पीछे मकसद था कि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। लेकिन जयराम सरकार ने एक नया कारनामा कर दिया है। जनसेवा की दाबा करने वाले मंत्री अपनी पत्नी को प्रमोशन देकर क्या साबित करना चाहते हैं यह तो सरकार ही जाने। उम्मीद थी कि मंत्री जी की पत्नी को प्रमोशन देने के लिए कैबिनेट में आने वाले प्रस्ताव को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित उनके मंत्री स्वीकार नहीं करेंगे लेकिन सब ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। गौरवतलब है कि सरकार ने 2010 में यह नियम बनाया था कि 50 फीसदी से कम अंक पाने वाले टीजीटी को लैक्चरर स्कूल के पद पर पदोन्नत नहीं किया जाएगा। यह तीन दर्जन टीजीटी वह है जो पूर्व में प्रमोशन से बंचित रह गए थे- अब नियम बदलने से यह सब प्रमोट हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंत्री की धौंस इतनी है कि वह अपनी पत्नी को शिक्षा विभाग के नियमों के खिलाफ प्रमोशन करा लिया। कैबिनेट में नियम ही बदवा लिए तो अब प्रमोशन हो ही जाएगा। मंत्री जी की पत्नी शिक्षा विभाग में टीजीटी हैं और वह चाह रहे हैं कि उनकी पत्नी को प्रमोट कर स्कूल लेक्टचर का दर्जा दिया जाए। शिक्षा विभाग की पॉलिसी के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट और बीएड में थर्ड डिवीजन से पास होने पर प्रमोशन नहीं मिल सकता। लेकिन मंत्री जी थर्ड डिविजन में पास अपनी पत्नी को प्रमोशन की जिद पाले हुए थे। मंत्री की पत्नी को प्रमोशन देने की फाइल पर्सनल डिपार्टमेंट और फायनेंस डिपार्टमेंट ने आब्जेक्शन के साथ वापस कर दी है। तो अब मंत्री जी कैबिनेट में शिक्षा विभाग की प्रमोशन पॉलिसी में बदलाव कर पत्नी को प्रमोशन दिलाने के अपनी जिद में सफल हो गए हैं।
शिक्षा विभाग ने थर्ड डिवीजन पास टीजीटी को प्रमोशन न देने की पॉलिसी क्वालिटी एजुकेशन की लिए तैयार की थी। जिसका मकसद यह था कि थर्ड डिवीजन में पास टीजीटी को स्कूल लैक्चरर बनाया जाएगा तो वह ठीक ढंग से बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाएंगे। अब भाजपा के विधायक का मंत्री के तौर पर प्रमोशन हुआ तो वह मंत्री पद धौंस जमाकर पॉलिसी में बदलाव कर पत्नी को प्रमोशन की तैयारी में हैं। शिक्षा विभाग की पॉलिसी के अनुसार थर्ड डिवीजन पास टीजीटी को प्रमोशन न मिलने के लगभग तीन दर्जन मामले शिक्षा विभाग की पास लंबित हैं। अगर मंत्री जी की पत्नी के लिए शिक्षा विभाग की पॉलिसी में बदलाव किया जाता है तो सभी लोगों को प्रमोशन मिल जाएगा। अगर थर्ड डिविजन पास टीजीटी स्कूल लैक्चरर के पद पर प्रमोट होते हैं तो सरकार के क्वालिटी एजुकेशन बनाए रखने के बनी शिक्षा विभाग की पॉलिसी और सरकारी दाबों का क्या होगा। क्या सत्ता के नियम मंत्री की पत्नी को देने के लिए बदले जा सकते हैं, यह भी बड़ा सवाल पैदा हो रहा है। अब देखना है कि मंत्री जी की अपनी पत्नी को प्रमोशन देने की बात कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री स्वीकृति देते हैं कि नहीं। अगर सरकार पॉलिसी को बदलकर मंत्री की पत्नी को प्रमोशन देती है तो सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होगा।