कैंसर रोगियों का इलाज और प्रदेश की आर्थिकी सुधारेगी हिमाचली भांग से बनी दवा

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शिमला.
हिमाचल में पैदा होने वाली भांग में बहुत औषधीय गुण हैं। जिसके कारण ही हिमाचल में भांग की खेती को वैध करने की मांग जोरों पर है। हिमाचली भांग से बनने वाली दवा कैंसर के रोगियों के लिए महत्वपूर्ण होगी। इस बात का दावा स्वास्थ्य जगत के विशेषज्ञों ने किया है। हिमाचली भांग की खेती वैध होने पर दवाईयों में उपयोग को मंजूरी मिलेगी तो यह देश और प्रदेश के कैंसर रोगियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगी। हिमाचल में भांग की खेती को को लेकर कांग्रेस पार्टी के के नेताओं ने भी सरकार से इस संदर्भ में मांग उठाई थी।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सहित देश में कैंसर रोगियों की संख्या लाखों में है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 7,919 कैंसर पीड़ित हैं। मंडी जिला में सर्वाधिक कैंसर पीड़ित हैं। मंडी में 2,337 कैंसर पीड़ित हैं इसके अलावा चंबा में 613, हमीरपुर में 1182, कांगड़ा में 201, कुल्लू में 484, सोलन में 377, ऊना में 624 कैंसर पीड़ित हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार देश में कैंसर प्रभावित पुरुषों की संख्या 6.8 लाख और महिलाओं की संख्या 7. 1 लाख है। रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक देश में कैंसर पीड़ित पुरुषों की संख्या 7.6 लाख और महिलाओं की संख्या 8.1 लाख हो जाएगी। इस तरह कैंसर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। जिसके इलाज के लिए भांग से बनने वाली दवा बहुत की कारगर सिद्ध हो सकती है।
दवाइयों में भांग के उपयोग को वैध करने के बहुत से फायदे होंगे। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार हिमाचल प्रदेश में पैदा होने वाली भांग का पूरा रिकार्ड तैयार करेगी और पूरी भांग की खेती सरकार के नियंत्रण में आ जाएगी। जिससे भांग की खेती को वैध करने पर पूरा नियंत्रण सरकार का हो जाएगा और इसका उपयोग दवा के रुप में होने लगेगा।
वर्तमान में भांग के उपयोग से बनने वाली दवाईयां यूरोप और अमेरिका से आयात की जा रही हैं जिसके कारण यह आम लोगों की पंहुच से बाहर हैं और इसका प्रदेष में उत्पादन होने पर यह बेहद कम दाम पर मिलेंगी।
यदि सरकार इस के उत्पादन पर निर्णय लेती है तो वह इस से ना केवल प्रदेष की आर्थिक दषा में बड़ा सुधार ला सकती है बल्कि प्रदेष आत्मनिर्भर भी हो सकता है। भांग के प्रयोग से बनने वाली दवाईयों का युरोप और अमेरिका में करीब 375 मिलियन डालर का कारोबार है और इसका मात्र दषमलव पांच प्रतिषत ना केवल प्रदेष की तस्वीर बदल सकता है बल्कि देष में लाखांे कैंसर रोगियों को सकून देगा।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार भांग का दवाइयों में उपयोग के लिए वैध करने पर मंथन कर रही है। जिससे लगता है कि सरकार शीघ्र ही भांग का दवाइयों में उपयोग करने के लिए निर्णय ले सकती है।