माफिया को मिल रहे सत्ता संरक्षण से अपराधियों का गढ़ बना ऊना, दिन दहाड़े बरस रहीं गोलियां, कांग्रेसी नेता की हत्या से भय का माहौल

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चुनावी समय में सीएलपी लीडर मुकेश अग्निहोत्री की सुरक्षा को भी खतरे का अंदेशा, कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम सरकार

पंजाब से सटे बार्डर एरिया में नशा और खनन माफिया का सक्रिय, अभी कदम नहीं उठाए तो प्रदेश को भुगतने पड़ेंगे बुरे परिणाम

शिमला. पंजाब से सटे ऊना जिले में बैखौफ हो रहे खनन और नशा माफिया के खिलाफ आवाज सदन से लेकर सड़क तक गूंजती रही। माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार नाकाम रही। जिसका परिणाम सामने आ रहा है कि माफिया सरेआम दिनदहाड़े बंदूक से गोलियां दागकर लोगों को मौत के घाट ऊतार रहा है। ऊना जिले के हरोली क्षेत्र में कांग्रेसी नेता की हत्या कर दी गई। बैखौफ माफिया दिन में ही गोलियां दागकर फरार हो गए। चुनावों के समय कांग्रेसी नेता की हत्या से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पंजाब बार्डर से सटे हिमाचल के सीमावर्ती जिलों में खनन माफिया और नशा माफिया हिमाचल में सक्रिय होता है। नशे की तस्करी के लिए पंजाब का नाम सबसे आगे हैं। नशे के सौदागर अब पंजाब से हिमाचल में आ रहे हैं। आए दिन समाचारों में आता है कि हिमाचल के कुल्लू, किन्नौर, शिमला जिले तक चिट्‌टे के सौदागरों का जाल फैल गया है। नशा माफिया के साथ खनन माफिया भी बैखौफ होकर हजारों ट्रक रेत बजरी हिमाचल की नदियों से खोदकर उठा रहा है। सरकार नशा माफिया और खनन माफिया को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। हरोली के विधायक और विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री लगातार स्वां नदी में हो रहे खनन और नशा तस्करी को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। अग्निहोत्री ने सीधे आरोप भी लगाए कि स्वां नदी में खनन कर रहे माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है जिससे जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सत्ता के संरक्षण में पल रहा माफिया अब बैखौफ होकर गोलियों दाग रहा है। जिससे क्षेत्र के लोगों में भयभीत हैं। अगर समय रहते माफिया पर शिकंजा नहीं कसा गया तो शांत प्रदेश हिमाचल को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

चुनावी समय में सीएलपी लीडर मुकेश अग्निहोत्री की सुरक्षा को भी खतरे का अंदेशा, कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम सरकार

चुनावों के समय हिमाचल में हो रहे गोलीकांड से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। ऊना के हरोली क्षेत्र में कांग्रेस नेता की गोलीमार कर हत्या कर दी गई। इससे पहले क्षेत्र के पांच युवकों की सड़क हादसे में मौत हुए, जिसमें तीन कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। पांच युवकों की संदिग्ध मौत पर भी सवाल उठ रहे हैं कि कहीं यह माफिया की साजिश का शिकार तो नहीं हुए हैं। इससे पहले भी हरोली में खनन माफिया ने ट्रक से कुछ लोगों को रौंदने का प्रयास किया था। जिससे दुर्घटना पर भी मुकेश अग्निहोत्री ने साजिश का संदेह जताकर न्यायिक जांच की मांग की है। हरोली में बेखौफ हो रहे अपराधियों को लेकर कांग्रेस के उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान ने विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इन घटनाओं से लगाता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कानून व्यवस्था बनाएं रखने में नाकाम साबित हो रहे हैं। सत्ताधारी नेताओं के भ्रष्टाचार के कारण माफिया को संरक्षण मिल रहा है जिससे अपराधी बैखोफ होकर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रही है।